DSS 122, 1st Floor, Near Khetarpal hospital, Green Square Market, Hisar 125001
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1. मुक्त कणों को निष्क्रिय करता है: वायु प्रदूषण शरीर को हानिकारक मुक्त कणों के संपर्क में लाता है, जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव और कोशिकाओं को संभावित क्षति होती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर क्षारीय पानी मुक्त कणों को बेअसर करने और शरीर की रक्षा करने में मदद कर सकता है।
2. विषहरण: o क्षारीय जल शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करके शरीर की प्राकृतिक विषहरण प्रक्रियाओं का समर्थन करता है, जिसमें प्रदूषित हवा से साँस के माध्यम से अंदर जाने वाले विषाक्त पदार्थ, जैसे भारी धातुएं और कण पदार्थ शामिल हैं।
3. श्वसन स्वास्थ्य में सुधार: श्वसन पथ में बलगम झिल्ली को बनाए रखने के लिए उचित जलयोजन आवश्यक है, जो प्रदूषकों के खिलाफ रक्षा के रूप में कार्य करता है। क्षारीय जल प्रभावी रूप से हाइड्रेट करता है तथा इन अवरोधों को बरकरार रखता है।
4. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है: प्रदूषण के संपर्क में आने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। क्षारीय जल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और खनिज प्रतिरक्षा को मजबूत करने और वायुजनित विषाक्त पदार्थों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
5. पीएच संतुलन बनाए रखता है: वायुजनित विषाक्त पदार्थ शरीर में अम्लता बढ़ा सकते हैं। क्षारीय जल शरीर के पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे अम्ल बनाने वाले प्रदूषकों का प्रभाव कम होता है।
6. त्वचा की सुरक्षा: प्रदूषण त्वचा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सूखापन और जलन हो सकती है। क्षारीय पानी पीने से जलयोजन में सहायता मिलती है और स्वस्थ, लचीली त्वचा बनाए रखने में मदद मिलती है।
उपयोग संबंधी सुझाव
• दैनिक खपत: जलयोजन और विषहरण के लिए प्रतिदिन 2-3 लीटर क्षारीय पानी पिएं।
• प्रदूषण के बाद: प्रदूषित वातावरण में समय बिताने के बाद, साँस के माध्यम से शरीर में गए विषाक्त पदार्थों के प्रभाव को कम करने